उत्तर प्रदेशभदोही

प्रधानी चुनाव में फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले में ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

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भदोही। गांव का मुखिया बनने के लिए प्रधानी चुनाव में फर्जी दस्तावेज और निर्वाचन नामावली में कूट रचित तथ्य पेश कर प्रधान बनने की शिकायतों की जैसे बाढ़ सी आ गई है। प्रधानी के चुनाव को लेकर जहां तैयारियां शुरू हो गई हैं वहीं, गलत तथ्य पेश करके चुनाव लड़ने की तैयारी का आरोप लगाया गया है। विकास खंड ज्ञानपुर के जगापुर नामक गांव के ग्रामीणों ने प्रधान पद से वर्ष 2005 से चुनाव जीतती चली आ रही महिला ग्राम प्रधान के खिलाफ फर्जी ढंग से चुनाव जीतने का आरोप लगाया है। इस संबंध में बुधवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर जांच कराए जाने की मांग की है।

शिकायती पत्र में कहा गया है कि ग्राम जगापुर की वर्तमान प्रधान मंजू देवी पत्नी वीरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ साहब पांडेय निवासी सिंहपुर ने कूट रचना कर गलत ढंग से चुनाव के समय निर्वाचन नामावली में नाम अंकित कराकर वर्ष 2005 से निर्वाचित होती चली आ रही है। दबंगई व अपराधिक प्रवृति के परिवार तथा धनबल के सहारे जनमानस को डरा धमका कर जनता को प्रलोभन देकर चुनाव जीतकर खुलेआम मनमानी कर रही हैं। उनके परिजन भी इस मनमानी में उनका साथ देते हैं। जबकि मंजू देवी पत्नी वीरेंद्र उर्फ लालसाहब पांडेय के नाम कोई भी मकान व जमीन ग्रामसभा जगापुर में नहीं है। अपने सभी सामाजिक व धार्मिक उत्सव तथा शादी विवाह में ग्राम प्रधान व उनके परिवार के सारे कार्यक्रम सिंहपुर ही गांव से होते हैं। निर्वाचक नामावली 2017 से ग्रामसभा सिंहपुर में इनका नाम क्रमांक 628 निर्वाचन कार्ड संख्या यूपी/ 54/2048/0687037 पर अंकित है। जिससे यह स्पष्ट है कि मंजू देवी अपने परिवार की दबंगई व धनबल के सहारे चुनाव जीतती आ रही हैं।

 Villagers submitted memorandum to DM for presenting fake documents in Pradhani election in bhadohi

बताया जाता है, मंजू देवी जैसे ही चुनाव नजदीक आता है तो निर्वाचन सूची में नाम अंकित कराकर चुनाव लड़ती चली आ रही है। इनकी भूमि ग्राम सभा चकलोका गांव में ही जुताई-बुआई की जाती है और वह जमीन उनके ससुर गुलाब चंद पांडेय के नाम से ग्राम सिंहपुर में अंकित है। पारिवारिक रजिस्टर में भी उनका कोई नाम नहीं दर्शाया गया है। शासनादेश के विरुद्ध केवल धनबल से लाभ लेने की मन्शा से अपने परिवार के ही सदस्य के नाम सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटित करा कर आम जनता के लिए आयी हुई खाद्य सामग्रियों का वितरण न करके ब्लेकिंग के सहारे अपने परिजनों को लाभ पहुंचाती हैं। जिसके चलते ग्राम सभा के सारे ग्रामीण दुखी व मजबूर होकर ग्राम प्रधान के क्रियाकलापों के खिलाफ जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अनुरोध किया है कि उस मामले की जांच कराकर निर्वाचित ग्राम प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाय।

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