उत्तर प्रदेशवाराणसी

कोरोना काल में डाक विभाग निभा रहा अहम् भूमिका – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

वाराणसी। डाक विभाग नवीनतम टेक्नोलॉजी के साथ जहाँ कस्टमर फ्रेण्डली सेवाएँ लागू कर रहा है, वहीं कोरोना वैश्विक महामारी के दौर में डाककर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए कोरोना वॉरियर्स के रूप में अहम भूमिका निभाई। दवाओं, मास्क, पीपीई किट्स, वेंटिलेटर से लेकर कोरोना टेस्टिंग किट्स तक जरूरतमंदों और अस्पतालों तक पहुँचाया, वहीं शहर से लेकर गाँव तक लोगों को उनके दरवाजे पर ही बैंक खातों से नकदी निकालकर देने का अभूतपूर्व कार्य किया I अब डाकिए के हाथ में स्मार्ट फोन है और बैग में एक डिजिटल डिवाइस भी है। उक्त उद्गार प्रवर डाकघर अधीक्षक, आजमगढ़ मंडल कार्यालय के वार्षिक निरीक्षण हेतु आये वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये।

The postal department is playing an important role in the Corona era - Postmaster General Krishna Kumar Yadav in varanasi

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने प्रवर डाक अधीक्षक कार्यालय के वार्षिक निरीक्षण के दौरान रिकार्ड के समुचित रख-रखाव एवं स्वच्छता पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से ग्राहकों से अच्छे व्यवहार और विभिन्न सेवाओं में आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया। आजमगढ़ मण्डल के प्रवर अधीक्षक डाकघर योगेंद्र मौर्य ने पोस्टमास्टर जनरल का स्वागत कर मण्डल में डाक सेवाओं की प्रगति की जानकारी दी।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग पत्रों के साथ-साथ बचत बैंक, डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि खाता, इण्डिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक, डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र, आधार नामांकन एवं अद्यतनीकरण जैसे तमाम जनोन्मुखी कार्य कर रहा है। पार्सल व कैश ऑन डिलीवरी के माध्यम से डाक विभाग अब ई-कॉमर्स के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा हैं। कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, कोरोना संक्रमण के इस दौर में आमजन को विभिन्न सेवाओं के लिए भटकना न पड़े और सारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकें, इसके लिए अब डाकघरों में भी काॅमन सर्विस सेंटर की स्थापना की जा रही है। यहाँ एक साथ केंद्र व विभिन्न राज्य सरकारों की 73 सेवाएँ मिलेंगी। एक अन्य सुविधा के रूप में अब पेंशनरों को जीवित प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार या बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि घर बैठे डाकिया के माध्यम से बायोमेट्रिक डिवाइस द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी करवा सकते हैं। इसके लिए मात्र 70 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सितंबर 2018 में इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शुभारम्भ के बाद आर्थिक और सामाजिक समावेशन के तहत ग्रामीण पोस्टमैन चलते-फिरते एटीएम के रूप में नई भूमिका निभा रहे हैं। आज़मगढ़ में इस वर्ष कोरोना के बीच लगभग 60,000 आईपीपीबी खाते खोले गए, वहीं 2 लाख 30 हजार लोगों को घर बैठे 66 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

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