उत्तर प्रदेशबलिया

जिलाधिकारी ने किया बाढ़ कटान का निरीक्षण, शासन को बताया जिम्मेदार

[राजीव प्रसाद]

बलिया। जनपद में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं नदी की तेज धारा के कारण बीएसटी बंधे पर बने स्पर कट कर नदी में विलीन हो जाने से जमीनों के कटान को लेकर पत्रकारों के सवाल पर डीएम ने हैरान करने वाला बयान दिया है, इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘नदी के बहाव का इक्जैक्ट आकलन छह महीने, दो महीने या चार महीने पहले कर पाना संभव नहीं होता है। इसीलिए हमेशा आकस्मिक व्यवस्था के लिए बिना अंदाज वाली जगह पर अगर कटान की स्थिति रहती है तो तात्कालिक चीजें की जा सके इसके लिए विभाग प्रयास कर रहा है। यहाँ सिंचाई विभाग के सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की पूरी टीम लगाई गई है।’

बता दें कि घाघरा नदी की तेजी से बढ़ रहे पानी की धारा में जमीन के कटान की ये तस्वीर यूपी के बलिया में स्थित इब्राहिमामबाद नौबरार की है। वहीं दूसरी तस्वीरें भी यहीं की हैं जहाँ घाघरा नदी ने अब रौद्र रूप दिखाते हुए बीएसटी बांध को टूटने से बचाने के लिए बाढ़ विभाग ने स्पर बनाया था ताकि बांध न टूटे और गांवों को डूबने से बचाया जा सके। मगर बीती रात घाघरा की तेज धाराओं ने इस स्पर को तोड़ कर बंधे को अपने आगोश में ले लिया है। क्योंकि अगर बांध टूटा तो आधा दर्जन गांव में घाघरा नदी का पानी अचानक से पहुँच कर तबाही मचाना शुरू कर देगा। इस खतरे को देख कर जिलाधिकारी अपने साथ बाढ़ विभाग के अधिकारियों की टीम को लेकर मौके पर पहुँच गए और बांध को टूटने से बचाने के लिए रातों दिन काम करके इसे हर हाल में बचाने का निर्देश दिया है।

 The District Magistrate inspected the flood cut in Ballia

वहीं जब मीडिया ने ​डीएम से सवाल किया कि आखिर विभाग द्वारा उदासीनता क्यों दिखाई जाती है? जब बाढ़ और कटान जारी हो जाता है तब तत्परता दिखाई जाती है। ऐसे में विभाग को पहले ही अपना कार्य कर लेना चाहिए लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया जाता है? सवाल पर डीएम ने बेतुका और हैरान करने वाला बयान दे दिया और कह दिया कि ‘नदी के बहाव का इक्जैक्ट आकलन छह, दो या चार महीने पहले कर पाना संभव नहीं होता है। इसके लिए हमेशा आकस्मिक व्यवस्था भी रहती है कि बिना अंदाज वाली जगह पर अगर कटान की स्थिति रहती है तो तात्कालिक चीजें की जा सके और वही विभाग कर रहा है। यहाँ सिंचाई विभाग के सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की पूरी टीम लगी है।’

दरअसल इब्राहिमाबाद नौबरार में बाढ़ से गांवों को बचाने के लिए बांध बना है जिसको नदी की तेज धारा में टूटने से बचाने के लिए बाढ़ विभाग ने स्पर बनाया है। जो आज घाघरा नदी की तेज धारा की वजह से कट गया है। जिसकी सूचना पर ‘डीएम साहब’ सिंचाई विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुँचे थे। जहां उन्होंने मीडिया के सवालों पर जवाब में ऐसा हैरान करने वाला बयान दे डाला। यही नहीं डीएम ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए सरकार पर ही ठीकरा फोड़ कह दिया कि यहां के लिए पहले से शासन को इसका प्रोजेक्ट भेजा गया था लेकिन शासन स्तर पर डिफरेंट जो कमेटी है उन्होंने कह दिया कि अगले बाढ़ के बाद इस प्रोजेक्ट को प्रस्तुत किया जाय। तो अगर ये प्रोजेक्ट बना होता तो शायद इस तरह की स्थिति नहीं होती जो स्थिति फिलहाल है।

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