उत्तर प्रदेशचंदौली

SP चंदौली व CO सदर से सिपाही को जान का खतरा, DGP को लिखा पत्र वायरल

चंदौली। जिले की चर्चित कोतवाली मुगलसराय की अवैध वसूली का लिस्ट की सच्चाई जगजाहिर होने के बाद तरह तरह के मामले उजागर हो रहे हैं। माना जा रहा है कि विभागीय पोल खुलने की जर से पहले तो मामले में लीपापोती करने की आला अधिकारियों ने भरपूर कोशिश की और जब बात नहीं बनी तो पहले बदले की कार्रवाई का रंग दिया और फिर विभागीय कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

कहा जा रहा है कि इस वसूली लिस्ट की लीक करने वाले हेड कांस्टेबल ने चंदौली एसपी, सदर क्षेत्राधिकारी व पूर्व कोतवाल शिवानंद मिश्रा द्वारा जान से मारने की धमकी देने व फर्जी मुकदमे में फंसाने की बात कहते हुए एक आशंका का पत्र लिखकर पुलिस महानिदेशक को भेजा है और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। अब यह पत्र सोशल मीडिया में बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।बताते चलें कि जिले की चर्चित मुगलसराय कोतवाली के कोतवाल शिवानंद मिश्रा के अवैध वसूली लिस्ट जारी करने वाले हेड कांस्टेबल अनिल कुमार सिंह ने पत्र के माध्यम से जान से मारने एवं सुरक्षा के संबंध में पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर अपनी गुहार लगाई है। इसका पत्र सोशल मीडिया में खूब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अंकित किया गया है कि चन्दौली पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल, सदर क्षेत्राधिकारी कुंवर प्रभात सिंह तथा इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाने तथा जान से मारने व परिवार के साथ किसी प्रकार की घटना घटाने का चक्रव्यू रचा जा सकता है।

इस पत्र में लिखा है कि लाइन हाजिर होने के बाद शिवानंद मिश्रा को प्रशासनिक आधार पर ईओडब्ल्यू लखनऊ ट्रांसफर किया जा चुका है, जिससे वसूली का सारा मामला सही पाया गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक चंदौली भी दोषी पाए जा रहे हैं। इसलिए SP द्वारा खिन्न होकर जो की पूर्व में की गई कार्यवाही के अंतर्गत 14 (1) की कार्यवाही की जा रही थी। जिसमें मुझे दोषी ठहराने व बर्खास्त कराना चाहते हैं। मुझे यह भी आशंका है कि SP चंदौली व CO कुंवर प्रभात सिंह तथा इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा द्वारा जान से मरवाने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश की जा सकती है।

प्रार्थी वाराणसी में अपने बच्चों से मिलने ज्यादा आता रहता है। इसलिए एक्सीडेंट भी करवाए जाने की आशंका है। साथ ही यह भी कहा गया है कि मेरे या मेरे परिवार में किसी प्रकार की घटना होती है या फर्जी मुकदमे में फंसाया जाता है तो पूर्ण रूप से जिम्मेदार एसपी चंदौली, क्षेत्राधिकारी कुंवर प्रभात सिंह तथा इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा होंगे।

हालांकि वायरल खत के बारे में अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यह पत्र उसी सिपाही ने लिखा है या यह भी किसी साजिश का नतीजा है। पर इससे पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है और माना जा रहा है कि जल्द ही कई और लोगों पर गाज गिर सकती है।

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