उत्तर प्रदेशगाज़ीपुर

सरकारी फरमान के बाद रोडवेज कर्मियों में फूटा गुस्सा, सरकार के खिलाफ हल्लाबोल

 Roadways workers burst into anger after government decree in gazipur

आरक्षित राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनाधिकृत रूप से प्राइवेट बसों के संचालन परमिट से नाराज़ रोडवेज कर्मी

● 25 को पूरे प्रदेश में 55 हजार कर्मी सरकार के खिलाफ करेंगे वृहद हल्लाबोल

● 18 से 24 तक करेंगे धरना प्रदर्शन

गाज़ीपुर। यूपी रोडवेज के कर्मचारी आजकल योगी सरकार के एक नए फरमान से नाराज हैं, गाज़ीपुर रोडवेज परिसर में कर्मचारियों और अधिकारियों ने बकायदा संयुक्त संगठन बना कर धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है और नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने के लिए कमर कस ली है।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि गोरखपुर से दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर जहां रोडवेज गाड़ियों को आरक्षित रूप से चलने की परमिट थी वहां अवैधानिक रूप से गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है और उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ प्राइवेट गाड़ियों को परमिट भी इश्यू कर दिया है, जिससे रोडवेज की सरकारी बसों को नुकसान हो रहा है।

 Roadways workers burst into anger after government decree in gazipur

कर्मचारी नेता अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि प्रदर्शन इसलिए हो रहा है क्योंकि प्रदेश में आठ प्रतिशत राष्ट्रीयकृत मार्ग यूपी परिवहन निगम के लिए आरक्षित है जबकि योगी जी की सरकार एक आदेश निर्गत हुआ है कि हमारे अधिकृत राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्राइवेट बेस अनाधिकृत रूप से हमारे ही स्टैंड और रुट से परमिट लेकर चलेंगी, इसीलिए ये धरना प्रदर्शन पिछले 18 नवम्बर से आगामी 24 तारीख तक रोज एक घंटे परिसर में गेट मीटिंग के रूप में किया जाएगा और 25 नवम्बर को व्यापक रूप से विशाल धरना प्रदर्शन होगा जिससे शासन तक संदेश जाए कि कर्मचारी विरोध में है, एक सवाल के जवाब में कर्मचारी नेता का कहना था कि 55 हजार कर्मियों के भविष्य पर ये कुठाराघात हुआ है इसलिए ये धरना प्रदर्शन पूरे प्रदेश में हो रहा है, एक सवाल के जवाब में कर्मचारी नेता ने कहा कि हम जो टैक्स देते हैं और जो सरकारी खर्चे हैं वो प्राइवेट वालो से ज्यादा है, वो कम खर्च में अपनी गाड़ियों को अवैध ढंग से ज्यादा मुनाफा कमा लेते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमसे कम टैक्स में वो गाड़ियां चलाते हैं, प्राइवेट को अगर गाज़ीपुर से वाराणसी के परमिट जारी है तो वे अवैध ढंग से बलिया तक चलाते हैं। तो खर्च उनके कम है और आमदनी ज्यादा है। तो हमारे सापेक्ष वो हमसे कम किराए पर भी चला लेते हैं। इसलिए हम जनजागरण करके शासन से मांग कर रहे हैं कि आपका ये निर्णय सरासर गलत है इसे वापस लिया जाए नहीं तो यह धरना व्यापक रूप ले लेगा, जिससे 55000 रोडवेज कर्मी उत्तर प्रदेश में एक उग्र आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।

 Roadways workers burst into anger after government decree in gazipur

वहीं, रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बीके पांडेय ने बताया कि कर्मचारियों और अधिकारियों का एक संयुक्त संगठन बनाया गया है, जिसके तहत ये धरना प्रदर्शन हो रहा है, उन्होंने बताया कि यूपी परिवहन निगम की बसों के लिए अधिकृत राष्ट्रीय राजमार्ग थे उन पर सरकार द्वारा प्राइवेट गाड़ियों को भी परमिट जारी किया गया है, जिससे हमारा दायर सिमट जाएगा और हमारी सरकारी आय पर भी असर पड़ेगा।

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