अलीगढ़उत्तर प्रदेश

हिंदूवादी संगठन के लोगों ने किया फ्रांस कर समर्थन में प्रदर्शन, कई मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन

अलीगढ़। फ्रांस मामले को लेकर आज अलीगढ़ में हिंदूवादी संगठन के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए देश के राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन दिया,जिसमें धर्म परिवर्तन के बाद हत्याएं जैसी घटनाओं को इस्लामिक आतंकवाद की श्रेणी में रखकर इनपर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। हलाल सर्टिफाइड मीट को भारत मे प्रतिबंध करने की मांग करने के साथ ही एएमयू छात्रों द्वारा फ्रांस के राष्ट्रपति के विरोध की जांच कराए जाने की भी मांग की गई है।

अखंड भारत हिन्दू सेना ने अलीगढ़ अध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार से राष्ट्र के अंदर आतंकवाद को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है, बल्लभगढ़ में हिन्दू लड़की को मार दिया जाता है। दिल्ली में बजरंगदल के कार्यकर्ता को मार दिया जाता है। फ्रांस के अंदर एक शिक्षक की गला काटकर हत्या कर दी जाती है। इन्हीं सब घटनाओं को लेकर हमने एक 4 सूत्रीय एक ज्ञापन अलीगढ़ प्रशासन को देश के राष्ट्रपति के नाम दिया है। इस्लामिक आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले इन सभी कट्टरपंथियों पर बैन लगना चाहिए। फ्रांस के साथ भारत कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। लेकिन इसके उलट एएमयू के छात्रों द्वारा फ्रांस का विरोध किया जाता है ऐसे छात्रोँ की जांच होनी चाहिए।ऐसे छात्रों को यूनिवर्सिटी से निलंबित कर देश भर की यूनिवर्सिटी में इनका प्रवेश वर्जित कर देना चाहिए।


भारतीय जनता पार्टी अलीगढ़ के पूर्व ज़िला प्रवक्ता ने कहा कि जिस प्रकार से वैश्विक स्तर पर इस्लामिक आतंकवाद पूरे विश्व को दूषित कर रहा है। भारत इस्लामिक आतंकवाद के चंगुल में बरसों से है,यही आतंकवाद अब फ्रांस में पहुंच गया है।वर्तमान में जो कुछ घटनाएं हुई हैं वह बहुत ही गंभीर व दयनीय घटनाएं हैं।उन्हीं सब घटनाओं को लेकर एक 4 सूत्रीय ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन दिया गया है। लव जिहाद के नाम पर जो हत्याएं हो रही हैं इन सभी घटनाओं को इस्लामिक आतंकवाद की श्रेणी में रखा जाए। निकिता तोमर के हत्यारों को फाँसी दी जाए। एएमयू के जो छात्र नेता फ्रांस के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं उनकी गहन जांच होनी चाहिए।हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट से पैसा आ रहा है वह आतंकियों को पालने में लग रहा है उसको बैन किया जाए।

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