उत्तर प्रदेशसोनभद्र

स्टोन क्रशर प्लांट से उड़ने वाली भीषण धूल से लोग परेशान, सांस लेने में तकलीफ

सोनभद्र। देश मे बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ एनजीटी भले ही सख्त रुख अख्तियार किया है लेकिन उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में प्रदूषण की स्थित आये दिन भयावह होती जा रही है। जिसको देखते हुए आज क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने पत्थर खनन क्षेत्र डाला, बारी और बिल्ली- मारकुंडी खनन इलाके में स्थित क्रशर प्लांटों पर छापेमारी किया। इन क्रशर प्लांटो द्वारा उड़ रही धूल व राख से लोगो का जीना दुभर हो गया है। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में संचालित हो रहे स्टोन क्रेशर से उड़ने वाली धूल से लगातार प्रदूषण फैल रहा है। डाला व ओबरा बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र में उड़ने वाली स्टोन क्रेशर की धूल से लोगों का जीना दूभर हो गया है।

सोनभद्र में स्टोन क्रेशर से उड़ने वाली धूल आस-पास के पेड़-पौधों पर भी जमी हुई देखी जा सकती है। जबकि एनजीटी द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार क्रेशर व्यवसायियों को समय—समय पर गाइड लाइन जारी कर पानी के छिड़काव व टिन सेट से ढक कर क्रेशर संचालित करने के आदेश दिया जाता है। लेकिन इसका क्रशर व्यवसायियों पर कोई फर्क नही पड़ता है।

बता दें सोनभद्र के खनन इलाके में लोग स्टोन क्रशर प्लांट से उड़ने वाली भीषण धूल से लोग परेशान हैं, लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है। यहां के लोगो को हार्ट की बीमारी व किडनी रोग से जूझना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन द्वारा सख्ती से कार्यवाई न किए जाने से इन स्टोन क्रशर प्लांटो पर लगाम नही लग पा रही है। वहीं क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी राधेश्याम ने आज चार क्रेशर प्लांट को सीज कर दिए और आठ क्रेशर व्यवसायियों को नोटिस जारी किया है। विभाग द्वारा समय समय पर इस तरह की कार्यवाही भी होती रहती है फिर भी वही स्थिति हो जाती है। हाइवे से सटे क्रशर प्लांट की धूल से सबसे ज्यादा दुर्घटनाए हो रही है।

हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इंजीनियर राधेश्याम का कहना है कि क्रेशर प्लांटो पर नियमित पानी का छिड़काव होना चाहिए और आस-पास प्लांटेशन भी कराया जाना चाहिए। जो क्रशर प्लांटो द्वारा इन मानकों का पालन नही किया जाता जाता है उन पर वायु प्रदूषण नियंत्रण एक्ट-1981 की धारा 31(a) के तहत नोटिस देते हैं। और उन पर बंदी की कार्यवाई भी होती है। पिछले दो दिनों में चार क्रेशरों को सीज किया जा चुका है और आठ क्रेशर को नोटिस जारी किया गया है।

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