अलीगढ़उत्तर प्रदेश

ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़, दो नाइजीरियन सहित तीन गिरफ्तार

अलीगढ़। साइबर सेल की मदद से क्वार्सी पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने दिल्ली में रहकर ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गैंग के दो नाइजीरियन सरगनाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह साइबर ठग फेसबुक पर दोस्ती कर लोगों को इनामी लालच देकर ठगते हैं। इस गैंग ने यहां किशनपुर इलाके के एक शिक्षक से इसी तरह का लालच देकर 31.23 लाख रुपये ठग लिए। इसी शिक्षक की शिकायत पर जांच करते हुए पुलिस इस गैंग तक पहुंची। साइबर ठगी से जुटाई गई रकम वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिये नाइजीरिया ट्रांसफर की गई है। जालसाज अब तक डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की रकम इसी तरह ऐंठ चुके हैं।

 International gang busting online fraud, three arrested including two Nigerians in aligadh

जानकारी देते हुए एसपी देहात शुभम पटेल ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि किशनपुर दयाल नगर निवासी भगवती दत्त शर्मा पेशे से शिक्षक हैं। उन्होंने पांच अगस्त को यह शिकायत दी कि उनके साथ फेसबुक पर कुछ विदेशी लोगों ने दोस्ती कर पिछले एक साल के दौरान 31.23 लाख रुपये की (मार्च 2019 से जुलाई 2020 के मध्य) ठगी कर ली है। एसएसपी ने इस शिकायत पर साइबर सेल को जांच सौंपते हुए क्वार्सी थाने में धोखाधड़ी व साइबर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया। इसी मामले में साइबर सेल ने जांच करते हुए विभिन्न तकनीकी पक्षों की मदद से पाया कि यह गैंग फेसबुक पर खुद को विदेशी बताकर भारतीय लोगों से दोस्ती करते हैं। इसके लिए बाकायदा फर्जी फेसबुक आईडी बनाई जाती हैं। अधिकांश मामलों में महिला की आईडी से पुरुष से और पुरुष की आईडी से महिला से दोस्ती की जाती है।

अलग-अलग खातों में मंगवाते थे रुपये फेसबुक पर दोस्ती के नाम पर ये जालसाज अपने शिकार को गिफ्ट पार्सल आदि भेजने की बात कहते हैं और उसे रिसीव कराने के नाम पर रकम ऐंठते हैं। जांच में पाया गया कि यह अपने शिकार को धमकाते हैं कि माल कस्टम में फंस गया है। फिर शिकार के पास अलग-अलग विदेशी व भारतीय नंबरों व व्हाट्सएप नंबरों से कॉल की जाती है। कोई खुद को कस्टम अधिकारी बताता है और कोई कुछ बताकर अलग-अलग एकाउंट में रुपये मंगाए जाते हैं। जांच में पाया कि यह लोग देश भर में घूमते हैं। अलग-अलग खातों में रुपये मंगाते हैं।

भगवती दत्त शर्मा से भी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद के अलग-अलग खातों में रुपये मंगवाए गए। जांच में एक बैंक एकाउंट की मदद से पुलिस गैंग तक पहुंचने में सफल हुई और गैंग के नाइजीरिया निवासी सरगना, उसके साथी सहित तीन लोगों को इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल व उनकी टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों नाइजीरिया के नागरिकों जॉन बुल पुत्र इलोमा व मार्वेलॉस पुत्र कॉफी निवासीगण एग्ब्रो डेल्टा नाइजीरिया हाल निवासी एस 2-59 टॉप फ्लोर महावीर नगर तिलक नगर दिल्ली ने स्वीकार किया कि वे कई साल से भारत में हैं। दिल्ली का तिलक नगर उनका बेस कैंप है। वहां एक चर्च भी बना लिया है। उसी के इर्द-गिर्द काफी साथी किराये पर रहते हैं। कोई यहां पढ़ने तो कोई व्यापार करने आया है।

 International gang busting online fraud, three arrested including two Nigerians in aligadh

वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी रह रहे भारत में-

जांच में यह भी पाया गया कि पकड़े गए नाइजीरियाई नागरिक में से जॉन बुल का वीजा 2015 में ही खत्म हो चुका है, जबकि मार्वेलॉस का वीजा 2019 में खत्म हो चुका है। वहीं पकड़ा गया तीसरा व्यक्ति सुमीर पुत्र श्रीकांत निवासी 28 के ब्लाक महीपालपुर दिल्ली इनका एजेंट है। उसी के बैंक एकाउंट में आखिरी बार भगवती दत्त का रुपया पहुंचा था, जिसकी वजह से ये पकड़े गए। पुलिस ने तीनों पर धोखाधड़ी, साइबर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं दोनों नाइजीरियन नागरिकों पर विदेश अधिनियम के तहत वीजा नियमों के उल्लंघन का भी अपराध दर्ज किया गया है। इनके पास से एक लैपटॉप, 18 स्मार्टफोन, नौ फोन कीपेड, दो हार्ड डिस्क, चार डोंगल, छह चार्जर, तीन लैपटॉप चार्जर, 400 नाइजीरियन करेंसी बरामद हुए।

Show More

Related Articles

Back to top button