उत्तर प्रदेशगाज़ीपुर

फसल के बर्बाद होने पर मिले मुआवज़े में जमकर हुआ गोलमाल

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गाज़ीपुर। प्रदेश योगी सरकार भले ही जीरो टॉलरेंस की बात कर रही हो लेकिन इस जीरो टॉलरेंस का असर जनपद गाजीपुर में दूर-दूर तक नहीं दिख रहा है ताजा मामला जनपद के मोहम्दाबाद तहसील के सियाडी गांव का है जहां साल 2019 में गई नदी में बाढ़ आने की वजह से फसल बर्बाद हो गई थी जिसके मुआवजे के लिए किसान काफी जद्दोजहद किए यहां तक कि हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा और जब मुआवजे की राशि आई तब तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसका इस कदर बंदरबांट कर दिया कि जो पीड़ित किसान रहे हैं उन्हें मुआवजा ना मिलकर ऐसे किसानों को मुआवजा दे दिया गया जो इस मुआवजे के पात्र भी नहीं थे जिसको लेकर पीड़ित किसानों ने जिला अधिकारी को पत्र देकर अपनी गुहार लगाया है।

Huge breakup in compensation received due to crop failure in gazipur

जनपद के मोहम्मदाबाद तहसील के सियाडी गांव जहां साल 2019 में मगई नदी में आई बाढ़ ने इस गांव में जमकर कहर बरपाया था लोगों की खेतों में लगी फसल पूरी तरह से चौपट हो गई थी जिसके बाद किसानों ने फसल के मुआवजे के लिए जिला प्रशासन से लगातार कई बार गुहार लगाया लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तब इन लोगों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद इस गांव के लिए 11 लाख ₹60000 का मुआवजा शासन के द्वारा रिलीज किया गया लेकिन इस पैसे पर तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों की काक दृष्टि लग गई और इन लोगों ने इस पैसे का जमकर बंदरबांट किया इस बात का खुलासा किसान शिव कुमार राय ने आरटीआई के द्वारा जानकारी लेकर किया है उन्होंने बताया कि कई ऐसे किसान हैं जिनके खातों में एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार पैसा भेज दिया गया तो वहीं कुछ ऐसे भी किसान हैं जिनका कम रकबा होने के बावजूद सर्किल रेट से अधिक का भुगतान किया गया है तो कुछ किसान ऐसे भी हैं जो इस गांव के रहने वाले ही नहीं है बावजूद उन्हें मुआवजे की राशि से आच्छादित कर दिया गया है उन्होंने बताया कि आरटीआई से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार गांव के यमुना राय को एक ही खाते में दो बार 22156 की दो किस्तों का भुगतान किया गया और सरोज राय को भी 6373 रुपए का भुगतान कर दिया गया वही गांव के गिरजा राय को दो बार एक ही खाते में 6446 और 6440 का भुगतान किया गया है इतना ही नहीं पौने 3 बीघा खेत के मालिक को भी ₹26000 का भुगतान किया गया और दोमंडा वाले खेत के किसान को भी ₹26000 का भुगतान किया गया जबकि 3 बीघा वाले से ऊपर खेत के मालिक को ₹16000 के मुआवजे की राशि से संतोष करना पड़ा है।

Huge breakup in compensation received due to crop failure in gazipur

वही जब इस पूरे प्रकरण पर जिलाधिकारी ओम प्रकाश आर्य से बात की गई उन्होंने इस तरह के मामले से इनकार करते हुए बताया कि हाई कोर्ट में जाने के बाद कोई भी अधिकारी इस तरह का गलती नहीं करेगा फिर भी हम इसकी जांच करा कर सच्चाई का पता लगाएंगे और कार्रवाई करेंगे।

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