उत्तर प्रदेशचंदौली

कोतवाल ही नहीं बल्कि भाजपा विधायक की पत्नी भी हैं…हटवाना इतना आसान नहीं है…!

सकलडीहा कोतवाल विधायक की पत्नी को हटाने की मांग तेज

 Demand for the removal of wife of Sakaldiha Kotwal MLA intensified in chandauli

चंदौली। योगी के सुशासन वाली सरकार में प्रशासनिक की सांठगांठ से दबंगों का मनोबल दिनों दिन बढ़ता जा रहा है और शरीफ आदमी इनके बीच पिस कर रह जा रहा है। सकलडीहा में यह नई बात नहीं है यहां कई मामले को लेकर अधिवक्ताओं द्वारा सकलडीहा एसडीएम एवं थानाध्यक्ष को हटाने की मांग हुई है। वहीं, भाजपा के नेता सूर्यमुनि तिवारी सहित अन्य लोग भी एसपी से सकलडीहा कोतवाल विधायक की पत्नी को हटाने की मुहिम कर चुके है।

सकलडीहा तहसील के एसडीएम प्रदीप कुमार व थाना की कोतवाल वंदना सिंह भाजपा सरकार में तानाशाही के लिए विख्यात हैं। इसके लिए कई बार धरना प्रदर्शन के माध्यम से हटाने की मांग हो चुकी है। सबसे बड़ी बात है कि जहां आम लोगों को कब्जा दिलाने के लिए सिविल कोर्ट का आदेश तथा पक्की पैमाइश का निर्देश दिया जाता है। वहीं मिसलेनियस प्रार्थना पत्र पर एसडीएम द्वारा कानूनगो को भेजकर जबरदस्ती मकान गिरवाया जा रहा है। इस तरह की कार्यवाही कानून के पोषकों पर अंगुली उठाती है।

 Demand for the removal of wife of Sakaldiha Kotwal MLA intensified in chandauli

यही नहीं दबंगों द्वारा जेसीबी से मकान गिराए जाते समय विरोध करने पर परिजनों की खुलेआम पिटाई की जाती है और थानाध्यक्ष विधायक जी का मामला है। दबाव पड़ेगा …यह कहते हुए पीड़ितों को थाने से भगा दिया जाता है। इसका आडियो भी वायरल हो रहा है। पीड़ितों का तत्काल मुकदमा नहीं दर्ज किया जाता है।

जनता पूर्ववर्ती सरकारों के इसी तरह की तानाशाही से आजिज आकर भाजपा सरकार पर विश्वास जताते हुए भारी बहुमत दिया था, लेकिन सकलडीहा में पूर्ववर्ती सरकारों से भी अधिक तानाशाही हो रही है। जिससे आम नागरिक के साथ-साथ पार्टी के नेता,अधिवक्ता सभी लोग पीड़ित हैं।

जहां सकलडीहा एसडीएम अपनी पैठ बना कर लोगों के विरोध के बावजूद पद पर बने हुए हैं। वहीं सकलडीहा कोतवाल सत्ताधारी पार्टी के विधायक की पत्नी होने के नाते धौस जमाते हुए अपने मर्जी तक पद पर बनी हुई हैं। लोग पुलिस अधीक्षक पर भी उंगली उठाने लगे हैं कि अन्य थानों में मामूली शिकायत पर थाना अध्यक्षों पर कार्यवाही हो जाती है, लेकिन सकलडीहा थाने के थानाध्यक्ष के आगे केवल जांच टीम ही गठित करते है।

Show More

Related Articles

Back to top button