उत्तर प्रदेशसोनभद्र

कोर्ट ने अपना दल (एस) जिलाध्यक्ष, बेटे व दो अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने का दिया आदेश

सोनभद्र। जिले में आज मौसम ने अपना मिजाज बदला तो ठंड बदज गयी तो वही सीजेएम कोर्ट ने अपना दल (एस) जिलाध्यक्ष , बेटे और दो अन्य के खिलाफ हत्या का एफआईआर दर्ज करने का आदेश रावर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को दिया जिससे जनपद की राजनीति में गर्माहट पैदा कर गयी। मामला 21 मई 2020 का है अपना दल एस के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण पटेल के बेटे मनीष पटेल की पोलिट्री फार्म पर कार्य करने सत्येंद्र की सन्दिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जिसमें राजनीतिक दबाव में आकर पुलिस ने लीपापोती किया और मृतक के परिवार को कही न्याय नही मिला तो वह न्यायालय की शरण लिया और एक युवा अधिवक्ता की पैरवी पर 11 नवम्बर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एफ़आईआर का आदेश पारित किया। इस सम्बंध में युवा अधिवक्ता ने बताया कि 21 मई को सत्येंद्र घर से अपना दल के जिलाध्यक्ष के बेटे मनीष पटेल के पोलिट्री फार्म पर काम करने गया था जहाँ उसका मनीष से विवाद हुआ , इसकी जानकारी उसने अपनी पत्नी को दिया था। घर जानकारी देने के दो घण्टे बाद परिजनों को उसके मौत की सूचना पोलिट्री मालिक द्वारा दिया जाता है। इतना ही नही उसके डेडबॉडी को जिला अस्पताल में छोड़ कर लोग भाग जाते है। इस सम्बंध में पीड़ित पक्ष स्थानीय पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक तक गुहार लगाया लेकिन पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बजाय सुलह समझौता कराने लगी। जिस पर पीड़ित पक्ष ने न्यायालय की शरण लेकर 156 (3) सीआरपीसी तहत प्रतिवाद दाखिल किया। जिस पर सीजेएम न्यायलय ने 11 नवम्बर को चार लोगों पर रावर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इन चार लोगों में अपना दल एस के जिलाध्यक्ष सत्य नारायण पटेल ,उनके पुत्र मनीष पटेल और दो अन्य लोग शामिल है।

Court orders to register murder case against Apna Dal (S) District President, son and two others in sonbhadra

सोनभद्र के रावर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के कुशीदौर गांव में स्थित अपना दल एस के जिलाध्यक्ष सत्य नारायण पटेल के बेटे मनीष पटेल का पोलिट्री फार्म है । जिसमे सत्येंद्र काम करता था। घटना के दिन 21 मई 2020 को उसके पुत्र सत्येंद्र कुमार , मनीष पटेल के पोल्ट्री फार्म पर काम करने गया था दोपहर करीब 2:30 बजे पीड़िता का लड़का अपनी पत्नी से डरे समय होकर मोबाइल पर बातचीत कर बताया कि मनीष पटेल से मजदूरी के संबंध में विवाद हो गया जल्दी घर वापस आएगा समय करें 4:15 बजे अभियुक्त संदीप अपने मोबाइल से उसके छोटे पुत्र पंकज के मोबाइल पर फोन कर कहा कि सतेंद्र को लोढ़ी हॉस्पिटल लेकर आए हैं आइए पीड़िता के पति व अन्य लोग अस्पताल गए तो वहां मनीष पटेल सतनारायण पटेल जो अपना दल के जिला अध्यक्ष हैं राजू पटेल व संदीप मौजूद थे उसके पति डॉक्टर को अंदर बुलाने के लिए गए तब तक सभी लोग लाश को गाड़ी से नीचे फेंक कर फरार हो गए पीड़िता के मृतक पुत्र सतेंद्र के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मौजूद थे आंखों में खून भरा हुआ था अचेत अवस्था में था पीड़िता को विश्वास है कि उक्त सभी लोग पीड़िता के लड़के की हत्या कर दिए और हत्या को छुपाने के लिए मनगढ़ंत कहानी बनाकर लोढ़ी अस्पताल ले गए थे, सभी लोग काफी दबंग व राजनीतिक पहुंच वाले रसूखदार व्यक्ति हैं घटना की सूचना हत्या के दूसरे दिन ही थाना कोतवाली में दिया गया था लेकिन कोतवाली में प्रार्थी के पति को बैठा लिया गया और उनसे डरा धमका कर दूसरे सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया गया और रिपोर्ट भी नहीं लिखा गया जबकि पोस्टमार्टम में भी कई जगह चोट के निशान हैं नामजद तहरीर देने के बावजूद भी रिपोर्ट नहीं लिखी गई तब ईमेल के माध्यम से जिलाधिकारी महोदय पुलिस अधीक्षक महोदय मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर भी दिनांक 22 मई 2020 ईस्वी को शिकायत किया गया था लेकिन वहां से भी कोई कार्यवाही नहीं किया गया था तब प्रार्थिनी अपने अधिवक्ता अनिल कुमार मौर्य के माध्यम से सी जे एम न्यायालय के समक्ष दिनांक 4:08 2020 ईस्वी को अंतर्गत धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत की थी जिस पर न्यायालय द्वारा थाने से आख्या तलब करते हुए प्रार्थिनी के अधिवक्ता अनिल कुमार मौर्य को सुनते हुए दिनांक 11 नवंबर 2020 को थाना कोतवाली रावर्ट्सगंज को आदेशित किया गया कि गीता देवी के प्रार्थना पत्र में उल्लिखित घटना के बाबत उचित धाराओं में हत्या के सम्बंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर विवेचना करें।

Court orders to register murder case against Apna Dal (S) District President, son and two others in sonbhadra

इस सम्बंध में युवा अधिवक्ता ने बताया कि 21 मई को सत्येंद्र घर से अपना दल के जिलाध्यक्ष के बेटे मनीष पटेल के पोलिट्री फार्म पर काम करने गया था जहाँ उसका मनीष से विवाद हुआ , इसकी जानकारी उसने अपनी पत्नी को दिया था। घर जानकारी देने के दो घण्टे बाद परिजनों को उसके मौत की सूचना पोलिट्री मालिक द्वारा दिया जाता है। इतना ही नही उसके डेडबॉडी को जिला अस्पताल में छोड़ कर लोग भाग जाते है। इस सम्बंध में पीड़ित पक्ष स्थानीय पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक तक गुहार लगाया लेकिन पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बजाय सुलह समझौता कराने लगी। जिस पर पीड़ित पक्ष ने न्यायालय की शरण लेकर 156 (3) सीआरपीसी तहत प्रतिवाद दाखिल किया। जिस पर सीजेएम न्यायलय ने 11 नवम्बर को चार लोगों पर रावर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इन चार लोगों में अपना दल एस के जिलाध्यक्ष सत्य नारायण पटेल ,उनके पुत्र मनीष पटेल और दो अन्य लोग शामिल है।

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