उत्तर प्रदेशगाज़ीपुर

बिज़नेस समाचार: पीएम के सपने को साकार कर रहे रवि, बने युवाओं के प्रेरणास्त्रोत

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  • कम निवेश में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए किसान टिशु कल्चर टेक्नोलॉजी का प्रयोग
  • रवि राय जैसे युवा अत्याधुनिक खेती के ज़रिये अन्य लोगों के लिए बने प्रेरणास्रोत
  • रवि ने युवाओं को नई तकनीक अपनाकर खेती से जुड़ने की कही बात
  • अत्याधुनिक खेती के जरिये लोग निकल सकते है बेरोजगारी के दंश से बाहर
  • केले की खेती पर सरकार दे रही प्रति हेक्टेयर ₹40 हजार का अनुदान

ग़ाज़ीपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में लोकल फॉर वोकल पर देश को संबोधित कर चुके हैं । उनका कहना था कि देशवासी विदेशी सामानों का उपभोग छोड़ खुद अपने यहां अपने गांव अपने शहर में कुछ ऐसा करें की बाहर से लोग उनके गांव और उनके शहर आकर उनके सामानों का उपभोग करें।

 Business News: Ravi realizing PM's dream, becomes the inspiration of youth in gazipur

गाजीपुर जिले के कासिमाबाद ब्लाक स्थित मुबारकपुरनेत गांव के रवि राय जिन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कॉन्वेंट स्कूल से पूरा किया और हायर एजुकेशन में एमए बीएड। रवि के सपने बड़े थे वो प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते थे। लेकिन सफलता प्राप्त नहीं हुई। रवि मायूस हुए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी बातचीत में रवि ने बताया कि उनके पिता एक किसान हैं और वह पारंपरिक खेती करते आ रहे हैं। जबकि रवि के चाचा भारत राय पीसीएस अधिकारी हैं। रवि ने अपने चाचा के मशवरे पर अपनी पारंपरिक पृष्ठभूमि को ही अवसर बनाया। उन्होंने नकदी फसल लगाने का मन बनाया जिसके लिए वह अपने चाचा को प्रेरणा स्रोत मानते हैं। उन्होंने बताया कि चाचा के कहने पर वह केले की फसल लगाने को राजी हुए। इस पर उन्होंने काफी पड़ताल की और पाया कि पूर्वांचल में फलों की खपत अत्याधिक है और पैदावार ना के बराबर। जिसके बाद रवि ने तीन हेक्टेयर भूमि पर केले की फसल लगाई जिसमें उन्होंने पारंपरिक फ्लड विधि छोड़ ड्रिप तकनीक का इस्तेमाल किया। इसमें उन्हें ड्रिप खरीद पर सरकार द्वारा 90 फीसद अनुदान भी मिला।

 Business News: Ravi realizing PM's dream, becomes the inspiration of youth in gazipur

रवि बताते हैं कि केले की खेती पर सरकार प्रति हेक्टेयर ₹40 हजार का अनुदान दे रही है। जो कि किसानों को काफी प्रोत्साहित कर रही है। वही लागत की बात करने पर रवि ने बताया कि एक हेक्टेयर केले की फसल तैयार करने में तकरीबन ₹ 3 लाख़ लगते हैं। जबकि यही लागत दूसरे साल घटकर आधी हो जाती है। केले की फसल से तिगुना आय कमाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस वक्त केला बिकवाली के लिए तैयार है। व्यापारी खेतों तक पहुंच ₹15 प्रति किलो के हिसाब से केले की मांग कर रहे हैं। केले के एक पौधे में 30 किलो की घार आई है। अगर मुनाफे की बात करें तो 15 रुपए किलो के हिसाब से एक हेक्टेयर में लगे केले की बिकवाली पर ₹9 लाख़ प्राप्त होंगे। जो कि लागत से दुगुना है। रवि ने बताया कि युवाओं को अब नई तकनीक अपना कर खेती से जुड़ना चाहिये और बेरोजगारी के दंश से बाहर निकलना चाहिए।

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