उत्तर प्रदेशवाराणसी

भाई दूज 2020 : जब बहनें देती है भाइयों को गाली, फिर ऐसे मांगती है क्षमा…

वाराणसी। भैयादूज यानी भाई-बहन के प्यार का पर्व। भैयादूज और गोवर्धन पूजा के बाद आज बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर एवं आरती उतारकर उनकी सलामती और दीर्घायु होने की मंगल कामना की। लेकिन भाइयों के माथे पर तिलक और आरती से पहले आज के दिन बहने अपने भाइयों को गालियाँ भी देती है और बाद में अपने भाइयों को दिए गए गाली की क्षमा याचना के लिए खुद के जीभ पर कांटे चुभा कर क्षमा याचना भी करती है। ये सब होता है काशी में गली मुह्हले में होने वाले पूजा के दौरान।

Bhai Dooj 2020

भैयादूज और गोवर्धन पूजा आज विधि-विधान से निभाया गया। गली-मुहल्लों और घरों में गोबर से बनी आकृतियों और पहाड़ पर आटा, चावल व पुष्प आदि से सजावट कर महिलाओं ने गिरिराज महाराज की पूजा- अर्चना एवं परिक्रमा की। आज के दिन सुबह सवेरे व्रती महिलाओं और बहनों ने घर के आंगन को गोबर के लेप से शुद्ध करने के साथ गोबर से किनारों को घेर गोधन, गोधाइन और दो द्वारपाल भी बनाये। जिन्हें स्नान आदि कराकर पीले वस्त्र से सुशोभित किया गया।

 Bhai Dooj 2020: When sisters abuse brothers, then they ask for forgiveness in varanasi

षडोशोपचार पूजन-अर्चन के बाद गोधन और गोधाइन, गणेश जी और तुलसी जी सहित सहित पांच कथाएं सुनी गई। कथा सुनने के साथ ही पांच सुहागिनों ने मूसल में सिन्दूर लगाकर गोधन और गोधाइन के बीच ईट, सुपाड़ी और चने की कुटाई की। इसके बाद बहनों ने भाइयों की लम्बी आयु के लिए भाइयों का नाम लेकर भूम्मभटकईया के कांटे को अपनी जीह्वा में स्पर्श कराकर उसे फेंक दिया। साथ ही हल्दी मिश्रित रूई की माला बनाकर पांच बार हाथ की अगुंलियों में लपेटा और उसके दोनों सिरों को आपस में जोड़कर उसे गोधन कूटाई में दे दिया। और अंत में भाइयों को बहनों ने टीका लगा चना खिलाकर उनकी दीर्घायु की कामना की।

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