अमेठीउत्तर प्रदेश

बैंक ने जाली सिग्नेचर कर बनाया जमीन को बंधक मुक्त

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अमेठी। जनपद के ग्राम नेवादा कनू थाना संग्रामपुर का एक व्यक्ति राम सिंह पुत्र नंदू सिंह ने अपनी जमीन जिसका गाटा संख्या 755 है, उस जमीन को मनीषा शर्मा के हाथों बेचा और राम सिंह की सभी खाते के जमीन को लोन लेने पर बैंक द्वारा बंधक की गई थी, जिसको वह बंधक मुक्त नहीं करा पाया। इसी बीच मनीषा शर्मा ने उसी जमीन को नीलम देवी पत्नी अजय कुमार तिवारी के हाथो बेच दिया जो कि प्रार्थिनी नीलम देवी ने 15/4/2013 को उसी जमीन गाटा संख्या 755 को खरीद लिया। पहले विक्रेता राम सिंह ने अब अपनी इस जमीन को जो खाता संख्या 755 है बैंक से लोन लेने के कारण बंधक मुक्त नहीं कराया था। जिसके द्वारा क्रेता की जमीन खारिज दाखिल नही हो पाई थी।

Bank made the land mortgage free by forging signature in amethi

जब प्रार्थिनी ने उनको खाते की जमीन को बंधन मुक्त कराने के लिए कहा तो राम सिंह ने फर्जी तरीके से कार्य करके एक पेपर पर जिस बैंक से उसका लोन था उसी बैंक के प्रबंधक का हस्ताक्षर करके नो-ड्यूज पेपर बनवा कर तहसील में जमा करवा दिया और तहसील में जाकर इस लॉक डाउन में अपनी जमीन को बंधक मुक्त करवा दिया। फिर फर्जी तरीके से दूसरे बैंक से भी लोन करवा लिया। जब इसका पता क्रेता नीलम देवी को चला तो नीलम देवी ने जनसुनवाई के माध्यम से अपनी जमीन का पूरा पेपर निकलवा लिया।

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जब उस पेपर को लेकर प्रार्थिनी नीलम देवी उस बैंक में गई जिस बैंक में उनका लोन था तो बैंक वालों ने बताया कि हमारे यहां से अभी राम सिंह की जमीन बंधक मुक्त नहीं हुआ है, ना ही हमने कोई नो-ड्यूज पेपर लिख कर दिया तो प्रार्थिनी नीलम देवी ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को जन सुनवाई में दी लेकिन नीलम देवी का कहना है कि अभी तक उच्च अधिकारियों द्वारा इस फर्जी पेपर का ना ही जांच करवाया गया ना ही उस व्यक्ति को जिसने फर्जी तरीके से बैंक प्रबंधक का मोहर और जाली सिग्नेचर करवा कर तहसील में दिया है उस पर कोई कार्यवाही की गई है।

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