उत्तर प्रदेशचंदौली

क्या चंदौली में चल रहा यह खेल नहीं देख पाते ARTO साहब और कप्तान?

 

चंदौली। जिले के प्रभारी मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल और जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के ओवरलोडिंग रोकने के फरमान के बावजूद बिहार से क्षमता से अधिक बालू व मोरंग लादकर ट्रक जिले की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। जनपद में बड़े पैमाने पर ओवरलोडिंग का खेल जारी है। सरकारी दावा चाहे जो भी हो पर सच्चाई यह है कि ओवरलोडिंग धुंआधार तरीके से जारी है और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है।

देखा तो यह भी जा रहा है कि कार्रवाई से बचने के लिए वाहन चालक नंबर प्लेट पर कालिख व मिट्टी लगाकर चल रहे हैं। इसके जरिए रजिस्ट्रेशन नंबर छिपा लिया जाता है। अफसर भी वाहन चालकों की करतूत को नजर अंदाज कर रहे हैं। इससे प्रशासन को हर माह लाखों रुपये का चूना लग रहा है और माफियाओं की चांदी कट रही है।चंदौली जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग पर नौबतपुर से टेंगरा मोड़ तक, सैयदराजा-जमानियां मार्ग और चंदौली-धानापुर मार्ग पर कई स्थानों पर मिट्टी व बालू की अवैध मंडी सजती है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह तीन से पांच बजे के बीच बालू लदे ओवरलोड ट्रक व डंपर खड़े हो जाते हैं। सप्लायर इन वाहनों को बिक्री के लिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भेजते हैं।

एआरटीओ और पुलिस के ऑनलाइन चालान से बचने के लिए चालकों ने नया तरीका निकाला है। कई चालक तो ट्रक व डंपर की नंबर प्लेट पर मिट्टी व कालिख लगा देते हैं। इससे रजिस्ट्रेशन नंबर छिप जाता है। तमाम वाहन ऐसे भी नजर आते हैं जिनमें नंबर प्लेट होती ही नहीं है। हालांकि वाहन में रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट न होना, नंबर खराब होना या नंबर प्लेट न होना भी यातायात नियमों का उल्लंघन है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी नजरें फेर लेते हैं।

कहा जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी से निर्मित सड़कों की भार क्षमता 10 से 15 टन तक ही होती है। गांवों के संपर्क मार्ग की क्षमता मात्र पांच से सात टन होती है। लेकिन ग्रामीण सड़कों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात-दिन दर्जनों की संख्या में ट्रक क्षमता से अधिक भार लादकर दौड़ रहे हैं।

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