उत्तर प्रदेशवाराणसी

चार माह से वेतन ना मिलने पर काशी विद्यापीठ के 78 संविदा शिक्षक सत्याग्रह पर बैठे

  • वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सत्याग्रह पर बैठे संविदा शिक्षक
  • पिछले चार महीनों से वेतन न मिलने से आक्रोशित शिक्षकों का सत्याग्रह
  • कुलपति पर लगया संविदा शिक्षकों से भेदभाव करने का आरोप
  • मांग पूरी न होने पर संविदा शिक्षकों ने अनिश्चत कालीन सत्याग्रह की दी चेतावनी

वाराणसी। महात्मा काशी विद्यापीठ प्रशासनिक भवन के समीप गांधी जी के प्रतिमा के पास संविदा शिक्षक अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन कर रहे है। आपको बताते चलें कि हाईकोर्ट के आदेश, राज्य सरकार के आदेश तथा कार्य परिषद के निर्णय को ठुकराते हुए संविदा शिक्षकों का चार माह से वेतन भुगतान ना होने तथा आज की लोकतांत्रिक प्रणाली में सभी दरवाजे बंद होने के उपरांत सभी शिक्षक अपने अधिकार के लिए गांधी जी के बताए रास्ते पर चलते हुए अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठ गये है।

78 contractual teachers of Kashi Vidyapeeth sat on Satyagraha after not getting salary for four months in varanasi

संविदा अध्यापक कोर फैकेल्टी का भुगतान जुलाई माह 2020 से नहीं किया जा रहा है जबकि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार लगातार दिशानिर्देश जारी करती रही है की कोविड-19 कि इस महामारी के दौर मैं किसी का वेतन ना रोका जाए लेकिन विद्यापीठ प्रशासन मनमाने ढंग से संविदा अध्यापकों का वेतन रोक कर शोषण कर रही है और यह कह रही है कि संविदा अध्यापक की संविदा 30 जून 2020 को समाप्त हो चुकी है जबकि संविदा अध्यापकों का संविदा विस्तार माननीय उच्च न्यायालय परिसर आदेश दिनांक 1 मार्च 2013 को अनुपालन में जारी शासनादेश संख्या 226/ सत्तर-2-20020-30/(31)2018 दिनांक 13 मार्च 2020 के द्वारा बिंदु संख्या के अंतर्गत स्वत: हो चुकी है जिसे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की कार्यपरिषद की बैठक में स्वीकार कर लिया गया है। इसकी सूचना शासन विविध वेतन निर्धाo/2020 के द्वारा शासन को उपलब्ध करा दी गई है।

78 contractual teachers of Kashi Vidyapeeth sat on Satyagraha after not getting salary for four months in varanasi

अब काशी विद्यापीठ वाराणसी के कुलपति उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश का उल्लंघन के साथ-साथ अपने ही कार्य परिषद में निर्णय को नहीं मान रही है और मनमाने तरीके से अपने लोगों को नियुक्त करने के लिए संविदा अध्यापकों को लगातार प्रताड़ित कर रही है। साजिश के तहत विश्वविद्यालय की वेबसाइट से संविदा अध्यापको के ई- कंटेंट को गैरकानूनी ढंग से हटा रहे हैं। उनके मनमाने और वेतन भुगतान न करने के संबंध में हम लोग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव एवं महात्मा गांधी के कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भी पत्र दे चुके हैं। यदि कुलपति हम लोगों को यशाशीघ्र वेतन भुगतान नहीं करती है तो हम लोग वेतन भुगतान एवं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर सत्याग्रह करते रहेंगे।

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